-48 घंटे में शहर को पूरी तरह से कर दिया जाएगा साफ सुथरा: नन्दन कुमार
-आठ हजार मीट्रिक टन से अधिक ठोस अपशिष्ट का संग्रहण एवं निष्पादन किया
हरिद्वार।
कांवड़ मेला निपटने के बाद प्रशासन और नगर निगम के सामने कांवडियों द्वारा शहर में छोड गए हजारों टन कचरे को साफ करना बड़ी चुनौती है। इसके लिए नगर निगम की और से विशेष अभियान शुरू किया गया है। बुधवार शाम से ही नगर निगम की कई टीम कांवड़ियों द्वारा छोडे$ गए कचरे को साफ करने में जुटी हैं। प्रशासन द्वारा जारी आंकड$ों के अनुसार 4.5 करोड$ कांवडि$ए कांवड$ लेने हरिद्वार पहुंचे थे। इतनी बड़ी संख्या में आए कांवड़िए शहर में हजारों टन कूड़ा छोड गए हैं। हरकी पैड़ी सहित तमाम गंगा घाटों और रास्तों पर हर तरफ कचरा, प्लास्टिक की थैलियां, पानी की बोतलें, जूते, चप्पल फैले हुए हंै। पूरे शहर में फैले कचरे को साफ करने को चुनौती के रूप में लेते हुए नगर आयुक्त नंदन कुमार के नेतृत्व में नगर निगम की आेर से विशेष अभियान चलाया जा रहा है। कांवड$ मेले 2२५ की समाप्ति के उपरांत नगर निगम हरिद्वार द्वारा एक सुव्यवस्थित, तीव्र एवं व्यापक सफाई अभियान संचालित किया गया। मेला समापन की रात्रि में ही सभी प्रमुख घाटों एवं कोर क्षेत्रों की सफाई पूर्ण कर ली गई है, जबकि शेष क्षेत्रों की सफाई कार्यवाही 24 जुलाई को ही पूर्ण की जा रही है। बताया कि कांवड$ मेले के दौरान अनुमानित: 80 मीट्रिक टन से अधिक ठोस अपशिष्ट का संग्रहण एवं निष्पादन किया गया। यह कार्य मेले की अवधि में नियमित रूप से की गई सफाई व्यवस्था एवं सतत निगरानी के कारण प्रभावी ढंग से संपन्न हो सका। इस अभियान में एक हजार से अधिक सफाई कामों की प्रतिनियुक्ति की गई थी। जिन्होंने तीनों पाली में कार्य करते हुए सभी प्रमुख मार्गों, सार्वजनिक स्थलों तथा घाटों पर स्वच्छता सुनिश्चित की। अपशिष्ट संकलन हेतु बायोडिग्रेडेबल (पर्यावरण अनुकूल) लाइनर बैग्स का उपयोग किया गया। जिससे संग्रहण एवं निपटान अधिक संगठित और पर्यावरणीय मानकों के अनुरूप रहा। इसके अतिरिक्त ड्रोन कैमरों एवं क्षेत्रीय पर्यवेक्षकों के माध्यम से रियल—टाइम निगरानी की गई। जिससे भीड$भाड$ के बावजूद सफाई व्यवस्था पर नियंत्रण बनाए रखना संभव हो सका। बताया कि पूरे मेले की अवधि में सभी अस्थायी शौचालयों को क्रियाशील बनाए रखा गया। जिससे तीर्थयात्रियों को स्वच्छता संबंधी असुविधा न हो और जन सुविधाओं का स्तर सुनिश्चित किया जा सके। नगर निगम हरिद्वार द्वारा यह समन्वित प्रयास शहर की स्वच्छता, तीर्थ की गरिमा और आगंतुकों की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की दिशा में किया गया है। भविष्य में भी इस प्रकार की योजनाबद्ध कार्यप्रणाली के माध्यम से सेवा देने का प्रयास जारी रहेगा।
