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हरिद्वार।
गंगा दशहरा स्नान पर्व पर आज तीर्थनगरी में गंगा घाटों पर श्रद्धालुओ का सैलाब उमड़ पड़ा । श्रद्धालुआें ने हरकी पैड$ी ब्रह्म कुण्ड समेत गंगा के विभिन्न घाटों पर पुण्य की डुबकी लगा पुण्य अर्जित किया। मंगलवार सुबह से ही गंगा स्नान शुरू हो गया था। जो दिन भर अनवरत जारी रहा। हरकीपैडी, सुभाषघाट, गौ घाट, हनुमान घाट, मालवीय घाट के अलावा गंग नहर में सिंहद्वार के निकट बने घाटो, प्रेम नगर के निकट बने सभी घाट, शंकराचार्य चौक के निकट के घाटो सहित कनखल स्थित दक्ष मन्दिर घाट, राजघाट के अलावा बैरागी कैम्प क्षेत्र में बने सभी घाट स्नान करने आए श्रद्धालुआें से अटे रहे। इसमें सबसे अधिक भीड$ दिल्ली, पश्चमी यूपी और हरियाणा के श्रद्धालुआें की रही। गंगा घाटो पर सुबह से ही भारी भीड स्नान करने के लिए उमडी रही। एक और जहां नेशनल हाईवे दिन भर वाहनो से अटा रहा वहीं शहर के अन्दर की सडकों पर बस स्टैण्ड से हरकीपैडी तक भीड में श्रद्धालु एक दूसरे से चिकप कर चल रहे थे। जीरो जोन में पैदल चलने वालो की भीड पुलिस प्रशासन के अनुसार गंगा दशहरा पर बीस लाख से अधिक श्रद्धालुआें ने स्नान किया।
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गंगा दशहरा पर स्नान का महत्व—
गंगा दशहरा पर गंगा में स्नान करने का सबसे अधिक महत्व बताया गया है। मान्यता है कि आज ही के दिन मां गंगा का पृथ्वी पर अवतरण हुआ था। पं प्रतीक मिश्रपुरी के मुताबिक जिस दिन मां गंगा का पृथ्वी पर अवतरण हुआ था उस समय 1 योग बने थे। इसी कारण से आज के दिन गंगा में स्नान करने से 1 प्रकार के पापों का नाश हो जाता है। आज गंगा दशहरा पर्व पर 1 में से 5 योग मिल रहे हैं। अभिजित मुहूर्त सुबह 1१:४७ से दोपहर 12:४0 तक स्नान के सर्वोत्तम रहा। जबकि मध्याम में मां गंगा का पूजन के लिए सर्वोत्तम योग रहा। दोपहर 1: 07 मिनट से ज्येष्ठ एकादशी तिथि आरम्भ हो गई। इसी के साथ गंगा दशहरा पर्व पर गंगा स्नान के बाद दस वस्तुआें के दान का भी महत्व बताया गया है। इसी कारण से लोगों ने स्नान के बाद दान आदि कर्म किए। स्नान पर्व पर तीर्थनगरी में भारी भीड$ रही। जिस कारण से पुलिस प्रशासन का यातायात प्लान लागू करना पड$ा। जाम के कारण वाहन सड$कों पर रेंगकर चलते दिखाई दिए।
