हरिद्वार।
अपने उत्तराखंड प्रवास के दौरान ओलम्पिक मेडलिस्ट मुक्केबाज लवलीना अपने कोच व परिवार के साथ शांतिकुंज पहुंची। यहाँ उन्होंने अखिल विश्व गायत्री परिवार की प्रमुख शैल दीदी से भेंट कर आगामी प्रतियोगिता के लिए आशीष एवं मार्गदर्शन लिया। इस अवसर पर शैल दीदी ने टोक्यो आपम्प में भारत का नाम रोशन करने वाली लवलीना बोरगोहेन, उनके कोच गरिया को मंगल तिलक एवं गायत्री महामंत्र लिखित उपव भेंट कर सम्मानित किया। कहा कि आपने जिस तरह नारी शक्ति का प्रतिनिधित्व करते हुए भारत का नाम रोशन किया है, यह मन को आनंदित करता है। आपको देखकर अनेकानेक बच्चे भी प्रेरित होकर बाक्सिंग को कैरियर के रूप में सोच रहे हैं। शांतिकुंज अधिष्ठात्री शैल दीदी ने कहा कि सीखने और सिखाने की प्रक्रिया का पालन करने वाले मनुष्य सदैव ऊंचा उठता है। इसके पश्चात लवलीना अपने परिवार के साथ देव संस्कृति विश्वविद्यालय पहुंची और विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति डा. चिन्मय पण्ड्या से भेंट की। इस दौरान खेल व खिलाड़ी के जीवनचर्या सहित विभिन्न विषयों पर चर्चा की। इस अवसर पर वे काफी प्रसन्न दिखाई दी।
अपनी भावाव्यक्ति व्यक्त करते हुए अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाज लवलीना बोरगोहेन ने कहा कि मुझे शांतिकुंज व देव संस्कृति विश्वविद्यालय के वातावरण ने आनंदित किया। यहाँ जैसे शांत व सौम्य वातावरण मैंने पहली बार देखा है। उन्होंने कहा कि अनेक अनेक लोगों के साथ मैंने सामूहिक गायत्री महायज्ञ भाग लिया, जो मेरे लिए सुखद आश्चर्य करने वाला पल रहा। यहां प्राकृतिक वातावरण के साथ भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में जुटे लोगों का आत्मीयतापूर्ण व्यवहार काफी अच्छा लगा। बताते चलें कि असम की रहने वाली लवलीना बोरगोहेन टोक्यो ओलम्पिक में भारत को मेडल दिलाने वाली दूसरी महिला मुक्केबाज है। इन दिनों वे आगामी राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता के तैयारी में जुटी हैं।
