रोग प्रतिरोधात्मक क्षमता मजबूत होने से नहीं होते संक्रामक रोग—डा.केपीएस चौहान
हरिद्वार । विश्व क्षय रोग दिवस पर इलेक्ट्रोहोम्योपैथी मेडिकल एसोसिएशन के तत्वावधान में ज्वालापुर स्थित बालाजी इंस्टीट्यूट ऑफ अल्टरनेटिव मेडिकल साइंस एंड र्केसर रिसर्च सेंटर में जन जागरूकता संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि एएफसीआई चम्बा की ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट कॉर्डिनेटर व पर्सनल हाइजिन एंड फूड न्यूट्रीशन की लैरार एवं इएमए की प्रदेश प्रवक्ता डाकौतून बोर्डे ने कहा कि पोष्टिक व संतुलित आहार लेने तथा व्यक्तिगत स्वच्छता रखने से टीबी रोग नहीं होता है। टीबी से बचाव के लिए संतुलित आहार लें और स्वच्छता रखें। संगोष्ठी की अध्यक्षता करते हुए इएमए के राष्ट्रीय अध्यक्ष डा$केपीएस चौहान ने कहा कि जब तक शरीर की रोग प्रतिरोधी क्षमता कायम रहती है। तब तक कोई भी संक्रामक रोग नही होता है। इसलिए अपने दैनिक भोजन में पोषक तत्वों का विशेष ध्यान रखें। डा$चौहान ने कहा कि देश को टीबी मुक्त बनाने हेतु इएमए इंडिया भी प्रयासरत है। संगोष्ठी में इंस्टीट्यूट की प्राचार्या एवं औषधी विभागाध्यक्ष डा$विजय लक्ष्मी अलखानिया ने कहा कि इलेक्ट्रोहोम्यापैथी टीबी सबसे कारगर उपाय है। उन्होंने बताया कि इंस्टीट्यूट की और से टीबी रोगियों को मुफ्त इलाज की सुविधा उपलब्ध करायी जाएगी। संगोष्ठी में डा$ऋचा आर्य, डा$एमटी अंसारी, हिना कुशवाहा, शमां परवीन, मंजुला होलकर, लक्ष्मी कुशवाहा, शिवांकी कल्याण, साहिल कश्यप, विनीत सहगल ने भी विचार व्यक्त किए।
