-सोशल मीडिया पर तीर्थनगरी को दिखाया जल मग्न
हरिद्वार।
प्राकृतिक आपदा के बाद सोशल मीडिया पर गलत वीडियो डालकर भय का माहौल पैदा करने वालों के विरुद्ध पुलिस ने कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेन्द्र सिंह डोबाल ने वीडियो को संज्ञान में लेते हुए सख्त लेहजे में चेतावनी दी कि अगर किसी ने भी फर्जी वीडियो डालकर गलत ढंग से प्रचारित किया तो उसके विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि उत्तरकाशी में बादल फटने की घटना के बाद किसी ने पहाड़ों से आने वाले पानी के कारण हरिद्वार को जल मग्न दिखा कर फर्जी वीडियो बनाकर सोशल मीडिया में डाल दिया। वीडियो प्रचारित होने पर शहर के अलावा देश भर से तीर्थनगरी में आने वाले श्रद्धालुआें के मन में भय का माहौल बन गया। वीडियो में जिस तरह का दिखाया जा रहा था एेसा तीर्थनगरी में नहंी था। बरसात के कारण कुछ इलाकों में जल भराव की स्थिति बनी थी। प्रशासनिक टीम में स्थिति को नियंत्रण में करने को हरसंभव प्रयास किया। सोशल मीडिया में तीर्थनगरी के जल मग्न होने के वीडियो को पुलिस ने संज्ञान में लिया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेन्द्र सिंह डोबाल ने सोशल मीडिया में दुष्प्रचार करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई की संकेत दिए। उन्होंने कहा कि किसी ने भी सोशल मीडिया पर गलत वीडियो डालकर भ्रम फैलाने की स्थिति की गयी तो उसके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। साइबर सैल टीम वीडियो की जांच करने के बाद वीडियो डालने के विरुद्ध आईटी एक्त के तहत मुकदमा दर्ज करेगी। वीडियो को वायरल करने वालों को भी चेतावनी दी गई है।
एसएसपी ने कहा कि सोशल मीडिया आज के युग में प्रचार का बड़ा माध्यम है। किसी भी गलत खबर को दिखाकर समाज में भय का माहौल बनाना गलत है। इस तरह की खबर से शहर की गतिविधि पर बहुत बड़ा असर पड़ता है। तीर्थनगरी में देश के अलग—अलग राज्यों से कर्मकाण्ड कराने के लिए लोग आते हैं। फर्जी वीडियो देख कर आने वाले श्रद्धालुआें के कदम थम जाते हैं। साइबर सैल सोशल मीडिया में चलने वाली वीडियो पर नजर रख रहा है अगर गलत वीडियो सोशल मीडिया में प्रचारित किया गया तो उस पर कानूनी शिकंजा कसा जाएगा।
