हरिद्वार।
कावड यात्रा अपने चरम सीमा पर है लाखों की तादात में कावडिये हरिद्वार में गंगा जल लेने आ रहे है। जिनकी सुरक्षा के लिए प्रशासन ने संवेदनशील घाटो पर आपदा मित्रो को तैनात कर रखा है। चंडीघाट के नमामि गंगे घाट पर आपदा मित्र मुस्तेदी से काम कर रहे हैं। कावडिये दूरदराज से आते हैं वह गंगा जी के अंदर तैरने की कोशिश करते हैं पर ज्यादा बहाव के कारण बह जाते हैं। इसलिए आपदा मित्र की ड्यूटी बड$ी ही गंभीर मानी जाती है। इस घाट पर आपदा मित्रों ने कई कांवडि$यों की जान बचाई और लगातार कांवडि$यों को गंगा में से डूबने से बचा रहे हैं। साथ ही कावडि$यों को निर्देश भी दे रहे हैं कि वह गंगा के अंदर ना जाए जबकि गंगा के किनारे पर बैठकर ही मां गंगा में आस्था की डुबकी लगाये।
वही आपदा मित्र अजय कुमार ने बताया कि उनकी टीम ने अभी तक दो लोगों की जान बचाई है। साथ ही एक कावडि$यां डूब गया था जिसकी बॉडी गंगा जी से निकली है। यहां पर मुस्तादी से काम कर रहे हैं हमारी प्राथमिकता है की कांवडि$यों को गंगा जी के अंदर गहरे पानी में न जाने दे साथ ही हम उनको जागरूक भी करते हैं। कि वह घाट के किनारे ही बैठकर मां गंगा में आस्था की डुबकी लगाये हमारी नजर हमेशा यहां आए श्रद्धालुआें पर बनी है। उनकी सुरक्षा को देखते हुए हम मुस्तैदी से यहां काम कर रहे हैं।
