haridwar- swawan kawad male main haridwar hari ki padi sa ganga gal la kar vapis lotete kavadiya. photo sandeep sharma haridwar photo by sandeep phon-09837410381
हरिद्वार।
हरिद्वार में चल रहा कांवड़ मेला अभी शुरुआती चरण में है लेकिन भीड़भाड़ बनी हुई है। पंचकों का भी कोई प्रभाव अब कांवड़ मेले पर नहीं दिखाई देता।
हरिद्वार में सावन कांवड़ मेले की भीड़भाड़ बढ़नी शुरू हो गई है और कांवड़िए जल लेकर गंतव्यों को प्रस्थान कर रहे हैं। बीती शाम से पंचक लग चुके हैं लेकिन अब पंचक भी कांवड़ मेले को प्रभावित नहीं करते। अधिकांश कांवड़िए अब पंचक का मान नहीं करते।
एक वक्त तक पंचक इस मेले को प्रभावित करते थे और पंचक लगते ही मेले में ठहराव आ जाता था और फिर पंचकों की समाप्ति पर भीड़ उमड़ती थी। लेकिन बदलते दौर में अब कांवड़ियों की पंचकों के प्रति मान्यता भी बदल गई है। बता दें की पंचकों में यात्रा या शुभकार्य वर्जित रहते हैं। साथ ही लकड़ी का कोई कार्य या उपयोग भी वर्जित माना जाता है। कांवड़ में क्योंकि बांस, खपच्ची और टोकरियों का इस्तेमाल होता है, इसलिए इस दौरान कांवड़िए यात्रा स्थगित कर दिया करते थे लेकिन अब कांवड़ के स्वरूप के साथ साथ कांवड़ियों की पंचकों के प्रति धारणा में भी बड़ा बदलाव आ गया है। जिसके कारण वह अब यात्रा में पंचकों का विचार नहीं करते। एक कारण ये भी है कि अब ज्यादातर कांवड़ स्टील के पात्रों में ले जाई जाने लगी हैं। इनमें बांस , कलश सब स्टील का ही होता है। दूसरे अब कांवड़िए पहले की भांति पंचक का मान नहीं करते। रोहतक से कांवड़ लेने आए 35 वर्षीय रामस्वरूप का कहना है कि भगवान शिव तो स्वयं कालों के काल हैं फिर भोले की कांवड़ में पंचक का भय कैसा? यही कारण है कि 13 जुलाई से पंचक लगने के बावजूद कांवड़ियों का हरिद्वार आगमन और प्रस्थान निरंतर बना हुआ है। हालांकि 18 जुलाई को पंचकों की समाप्ति के बाद निश्चित ही कांवड़ की भीड़भाड़ जोरदार ढंग से बढ़ेगी।
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•पांच दिन रहते हैं पंचक•
इस सावन कांवड़ यात्रा में पंचक 13 जुलाई शनिवार से शुरू होकर 18 जुलाई तक रहेंगे। इस दौरान कांवड़ यात्रा करना वर्जित माना जाता है, क्योंकि पंचक को अशुभ माना जाता है। हालांकि, कुछ मान्यताओं के अनुसार, कांवड़ यात्रा पर पंचक या राहुकाल का प्रभाव नहीं माना जाता है, क्योंकि भगवान शिव स्वयं कालों के स्वामी बताए गए हैं।
•पंचक की अवधि•
– शुरू: 13 जुलाई शाम 6:50 बजे
– समाप्त: 18 जुलाई सुबह 3:38 बजे ।
ज्योतिषानुसार इसबार
कांवड़ यात्रा के लिए
11 ,14 , 17 ,18 , 21, 22 जुलाई शुभ तिथियां बताई गई हैं।
