-संत समाज-अखाड$ों की आपत्ति के बाद जागा जिला प्रशासन
हरिद्वार।
कल्पना करिए हरिद्वार जैसे सनातनी जिले में उत्तराखंड की सबसे बड मस्जिद बनाए जाने का काम चल रहा हो और जिला प्रशासन आंख बंद किए बैठा हो तो साधु संत समाज को कैसा लग रहा होगा। हरिद्वार के संत समाज ने जिले के सुल्तानपुर कस्बे में कई माहों से बन रही विशालकाय मस्जिद के निर्माण पर नाराजगी जताते हुए सीएम पुष्कर सिंह धामी के संज्ञान में ये बात लाई है।
जानकारी के मुताबिक सीएम धामी ने हरिद्वार जिला प्रशासन को इस बारे में रिपोर्ट देने को कहा है। हरिद्वार में सनातन धर्म की रक्षा के लिए अखाड$े आश्रम मठ आदि है जिनमें देश दुनिया में विख्यात संत प्रवास करते है। हरिद्वार के सुल्तानपुर क्षेत्र में पिछले कई माह से एक मस्जिद का निर्माण कराया जा रहा है। जिसे लेकर सोशल मीडिया पर भी खूब प्रचार प्रसार किया गया है। मीडिया में चल रही खबरों में ये दावा किया जा रहा है कि ये मस्जिद उत्तराखंड की सबसे बड$े मस्जिद होगी। मस्जिद की मीनारों की ऊं चाई 25 फुट तक बना दी गई है और इस पर इन दिनों पत्थर लगाए जाने का काम चल रहा है।
प्रशासन की अनुमति नहीं
इस विशाल मस्जिद के निर्माण के लिए मस्जिद इंतजामिया कमेटी ने कोई भी अनुमति जिला अधिकारी से नहीं ली है। जब की सुप्रीम कोर्ट का ये 209—2१६ का ये निर्देश है कि किसी भी धार्मिक स्थल का निर्माण बिना कलैक्टर की अनुमति के नहीं कराया जा सकता, अनुमति के लिए भूमि दस्तावेज, कमेटी सदस्यों के विवरण, बैंक खातों के जानकारी जिला प्रशासन को देना जरूरी है। खास बात ये है कि उत्तराखंड में नैनीताल हाई कोर्ट को सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुपालन के लिए अधिकृत किया हुआ है और हाईकोर्ट ने हर जिले में इस मामले में एक कमेटी बनाए जाने की व्यवस्था दी हुई है। इसी क्रम में राज्य की धामी सरकार ने अतिक्रमण हटाआे अभियान चलाया हुआ है।
डीएम ने क्या कहा
हरिद्वार के डीएम मयूर दीक्षित ने बताया कि सुल्तानपुर में निर्माणाधीन मस्जिद का काम रुकवा दिया गया है, मस्जिद के भूमि और निर्माण संबंधी दस्तावेज दिखाने के लिए नोटिस जारी किया जा रहा है।
फंडिंग की भी हो जांच
हरिद्वार जिले में इतनी विशाल मस्जिद बनाए जाने पर चिंता जाहिर विश्व हिन्दू परिषद के प्रवक्ता पंकज चौहान ने बताया कि इस मस्जिद को लेकर अखाड$े—संत समाज में चिंता है, जिसके लिए राज्य सरकार तक बात पहुंचाई गई है। इस विशाल मस्जिद को बनाए जाने के लिए कौन फंडिंग कर रहा है उम्मीद है कि राज्य की धामी सरकार इस बारे में कारवाई करेगी।
