-टिबड$ी के जंगल में छुपा कर रखी गई थी चोरी की गई 09 बाइक
हरिद्वार।
कोतवाली रानीपुर पुलिस ने क्षेत्र से अतंर्राज्यीय बाइक चोर गिरोह का भंडाफोड करते हुए बाइक सवार तीन को दबोचा है, जिनमें एक किशोर शामिल है। पुलिस ने आरोपियों की निशानदही से देहरादून, हरिद्वार और सहारनपुर से चोरी की गई 09 बाइक टिबड$ी के जंगल से झाडियों में छुपा कर रखी गई थी बरामद की है। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने खुलासा किया कि अपना महंगे शौक पूरा करने के लिए बाइक चोरी की वारदात को अंजाम देना स्वीकार किया है। पुलिस ने दो आरोपियों के खिलाफ सम्बंधित धाराआें में मामला दर्ज करते हुए मेडिकल के बाद न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया। जबकि नाबालिक को किशोर न्यायालय में पेश कर बाल सुधार गृह भेजा गया है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेन्द्र सिंह डोबाल ने बताया कि सन्नी कुमार पुत्र सतीश कुमार निवासी ग्राम भारूवाला गोवर्धनपुर थाना खानपुर हरिद्वार ने 14 जुलाई को पीठ बाजार सेक्टर-4 भेल से अज्ञात द्वारा बाइक चोरी कर लिए जाने की शिकायत दर्ज करायी थी। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर बाइक की तलाश शुरू कर दी। इसी दौरान पुलिस ने गश्त के दौरान मनोकामना मन्दिर तिराहा के पास निर्मल बस्ती जाने वाले कच्चे मार्ग पर बाइक सवार तीन संदिग्ध युवको को देखा। जिनको पुलिस ने हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ के दौरान युवकों ने बाइक चोरी करना स्वीकार किया। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने अपना नाम सुखदेव पुत्र तेजपाल निवासी ग्राम व थाना बुग्गावाला, नितिन पुत्र अशोक निवासी ग्राम दौड$बसी थाना बुग्गावाला जनपद हरिद्वार बताया, जबकि तीसरा नाबालिग निकला। आरोपियों सुखदेव और नितिन ने खुलासा किया कि उनके द्वारा देहरादून, हरिद्वार और सहारनपुर से बाइक चोरी की गई है। जिनको उन्होंने टिबड$ी के जंगल में छुपा कर रखी है। पुलिस टीम ने आरोपियों को साथ लेकर उनकी निशानदेही से चोरी की 09 बाइक बरामद की। जिनमें एक बाइक ज्वालापुर से चोरी की गई थी। कप्तान ने बताया कि आरोपी पूर्व में देहरादून टेंट हाउस में काम करते थे, लेकिन उसने शोक मंहगे थे। इसलिए उन्होंने अपना शौक पूरा करने के लिए बाइक चोरी की वारदात को अंजाम देना शुरू किया। बाइकों का चेचिस नम्बर हटाकर उनको अलग—अलग जगह बेचना था, लेकिन उसके पहले भी पकड$े गये। पुलिस ने दोनों आरोपियों को मेडिकल के बाद न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया। जबकि किशोर को किशोर न्यायालय में पेश कर उसको बाल सुधार गृह भेजा गया है।
