हरिद्वार।
स्वतंत्रता सेनानियों द्वारा किए गए बलिदानों को याद करने तथा राष्ट्रीय एकता और देशभक्ति को बढ$ावा देने हेतु भारत सरकार के द्वारा चलाए जा रहे आजादी का अमृत महोत्सव में भारत की स्वतंत्रता के वें वर्ष के उपलक्ष्य में एक भारत श्रेष्ठ भारत क्लब,7५ अभियांत्रिकी एवं प्रोद्यौगिकी संकाय, गुरुकुल कागड$ी विश्वविद्यालय द्वारा इंडियन रेडक्रास सोसाइटी के सहयोग से एक स्वास्थ्य शिविर तथा एक स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन किया।
कार्यक्रम में ब्लड बैंक की संयोजिका नीलिमा सैनी ने कहा कि कोई भी स्वस्थ व्यक्ति रक्तदान कर सकता है। 18 से अधिक आयु के लोग जिनका वजन 5 किलोग्राम से अधिक है वह रक्तदान कर सकते हैं। नियमित अंतराल यानी तीन महीने बाद रक्तदान करते रहने से हमारे शरीर में आयरन की मात्रा संतुलित रहती है और रक्तदाता को हृदयाघात की संभावना नहीं रहती। नियमित रक्तदान करने से कैंसर सहित अन्य बीमारियों का खतरा भी कम हो जाता है। रक्तदान से सबसे बड$ा फायदा यह होता है कि हमारे शरीर का वजन, ब्लड प्रेशर, हीमोग्लोबिन, मलेरिया, एचबीएसएजी, एचसीवी, वीडीआरएल आदि जांचें हो जाती हैं। कार्यक्रम के सफल संचालन के लिये आयोजकों ने एक पंजीकरण डेस्क स्थापित किया था। पंजीकरण के बाद छात्रों, शिक्षकों तथा कर्मचारियों के स्वास्थ्य की जांच की गई तथा उनको अपना चिकित्सा इतिहास प्रदान करने के लिए कहा गया, जिसे यह सुनिश्चित किया जा सके की वे रक्तदान करने के योग्य हैं या नहीं। रक्तदाताआें को रक्तदान करने से पहले और बाद में बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में भी बताया गया।
रक्तदान शिविर में 6१ रक्तदाताआें ने रक्तदान किया। रक्तदान के इस कार्यक्रम में एफईटी के छात्रों, शिक्षकों गैर शिक्षण कर्मचारियों का योगदान रहा और सभी रक्तदाता सहित विभिन्न आयु समूहों से आए थे। अधिकांश दानकर्ता पहली बार दान देने वाले थे। इस अवसर पर रक्तदाताआें के उत्साहवर्धन के लिये एफईटी की आेर से डीन एफईटी डा. सुनील पंवार, समन्वयक एक भारत श्रेष्ठ भारत डा. लोकेश जोशी, डा. एमएम तिवारी, डा. सुयश भारद्वाज, डा. अजय कुमार, डा. देवेन्द्र सिंह, गजेंद्र सिंह, डा. धर्मेंद्र बलियान, विकास देशवाल, दीपक नेगी, मनु गुप्ता तथा ब्लड बैंक की आेर से कविता सैनी, डा. तनवीर, कंचन गुसाईं, शुभम सैनी, सनी सैनी, अमित, माला, संकाय के समस्त कर्मचारी, छात्र मौजूद रहे।
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