-वोटर लिस्ट पर उठे सवाल, अध्यक्ष ने शांत कराया मामला
रुद्रपुर। आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों के बीच उधम सिंह नगर में कांग्रेस की बैठक हंगामे में बदल गई। रुद्रपुर के सिटी क्लब में आयोजित बैठक में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने एसआईआर और वोटर लिस्ट को लेकर भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए। बैठक के दौरान वोटर लिस्ट उपलब्ध न कराने को लेकर पार्षद पति बाबू खान ने नाराजगी जताई, जिसके बाद माहौल गरमा गया। काफी देर तक चली बहस के बाद कांग्रेस महानगर अध्यक्ष ममता रानी ने मामला शांत कराया।
उत्तराखंड में आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। एक तरफ भाजपा सरकार की योजनाओं को घर-घर पहुंचाने में जुटी है तो दूसरी तरफ कांग्रेस बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी और सरकार की नीतियों को लेकर जनता के बीच जाने की तैयारी कर रही है। इसी क्रम में रुद्रपुर के सिटी क्लब में कांग्रेस कार्यकर्ताओं की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें एसआईआर यानी विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान और वोटर लिस्ट को लेकर रणनीति बनाई गई। हालांकि, बैठक के दौरान ही हंगामे की स्थिति बन गई।
बैठक में उधम सिंह नगर कांग्रेस जिलाध्यक्ष हिमांशु गाबा ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि, भाजपा सरकार वोट काटने की राजनीति कर चुनाव जीतने की कोशिश कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कई जगहों पर मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से हटाए जा रहे हैं, जबकि फर्जी नाम जोड़े जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अब इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगी।
हिमांशु गाबा ने बताया कि, बैठक में बीएलए-2 बनने वाले कार्यकर्ताओं को एसआईआर की पूरी जानकारी दी गई और उन्हें निर्देशित किया गया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों की वोटर लिस्ट का गहन निरीक्षण करें। जिन मतदाताओं के नाम बिना कारण काटे गए हैं, उन्हें दोबारा जुड़वाने का काम किया जाएगा। जबकि फर्जी नामों को हटाने के लिए भी निर्वाचन विभाग के समक्ष आपत्ति दर्ज कराई जाएगी।
उन्होंने भाजपा पर हमला बोलते हुए कहा कि, पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों में वोट काटने और वोटर लिस्ट में गड़बड़ी की राजनीति के जरिए भाजपा ने चुनावी लाभ लेने की कोशिश की है। कांग्रेस कार्यकर्ता अब बूथ स्तर तक जाकर मतदाता सूची की निगरानी करेंगे और लोगों को उनके मतदान अधिकार के प्रति जागरूक करेंगे।
इसी दौरान बैठक में उस समय हंगामा खड़ा हो गया, जब पार्षद पति बाबू खान ने आरोप लगाया कि उन्होंने कई बार संबंधित पदाधिकारियों से वोटर लिस्ट मांगी, लेकिन उन्हें उपलब्ध नहीं कराई गई। बाबू खान ने बैठक में खुलकर अपनी नाराजगी जताई, जिसके बाद कार्यकर्ताओं के बीच तीखी बहस शुरू हो गई। माहौल कुछ देर के लिए तनावपूर्ण हो गया और बैठक में अफरा-तफरी जैसी स्थिति बन गई। हालांकि कांग्रेस महानगर अध्यक्ष ममता रानी ने हस्तक्षेप करते हुए बाबू खान और अन्य कार्यकर्ताओं को शांत कराया। इसके बाद बैठक दोबारा शुरू हुई और संगठन को मजबूत करने और बूथ स्तर पर सक्रियता बढ़ाने पर जोर दिया गया।
