हरिद्वार ।
गुरुकुल कांगड़ी समविश्वविद्यालय में शिक्षकेत्तर कर्मचारियों का धरना शुक्रवार को भी जारी रहा। धरने में जटबहादरपुर व आस-पास के किसान नेता व समाजिक कार्यकर्ताओं ने उपस्थित होकर कर्मचारियों को अपना समर्थन दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षा बच्चों का मौलिक अधिकार है। निजी संस्थाओं के हाथों में जाने से शिक्षा महंगी होगी जिससे समाज के आमजन व गरीब के बच्चों के लिए शिक्षा सपना बनकर रह जाएगी। शिक्षकेत्तर कर्मचारी यूनियन के अध्यक्ष रजनीश भारद्वाज एवं महामंत्री नरेन्द्र मलिक ने स्थानीय नेताओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि कुछ निजी स्वार्थी लोगों ने अपने स्वार्थ के लिए समविश्वविद्यालय को पतन की स्थिति में लाकर खड़ा कर दिया है जो कि किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं होगा। उन्होंने कहा कि 1962 से लेकर अब भारत सरकार द्वारा शतप्रतिशत अनुदान मिलता आ रहा है किसी सभाओं ने अपना कोई अंशदान गुरुकुल को नहीं दिया बल्कि गुरुकुल की जमीन को खुदबुर्द किया है। भारत सरकार द्वारा शत प्रतिशत अनुदान दिए जाने के कारण भारत सरकार को गुरुकुल कांगड़ी समविश्वविद्यालय में रेगुलेशन 2023 लागू कर अपने अधीनस्थ ले लेना चाहिए।
इस अवसर पर प्रो एलपी पुरोहित ने कहा कि समविश्वविद्यालय में भारत सरकार द्वारा जारी अधिनियम 2023 के अनुसार चयनित उच्चाधिकारियों का सभी कर्मचारी खुले मन से स्वागत व अभिनन्दन करेंगे। कर्मचारियों का यह आन्दोलन व्यवस्था विशेष को लेकर है जिससे जहां एक तरफ कर्मचारियों का शोषण होना सुनिश्चित है। सभी कर्मचारी समविश्वविद्यालय में नियमों को दरकिनार करते हुए लागू किए जा रहे अधिनियम 2019 का पुरजोर विरोध करते हैं। समविश्वविद्यालय में अधिनियम 2023 लागू होने तक कर्मचारियों का आंदोलन जारी रहेगा साथ ही उन्होंने इस दौरान 2019 अधिनियम के चलते समविश्वविद्यालय में बी0ओ0एम0 की बैठक आहूत नहीं कराए जाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यदि नियमों को दरकिनार करते हुए बी0ओ0एम0 की बैठक बुलाई जाती है तो भारत सरकार के अधिनियम 2023 के अनुसार बी0ओ0एम0 में लिए गए निर्णय कर्मचारियों पर मान्य नहीं होंगे। इस अवसर पर समस्त शिक्षकेत्तर कर्मचारी उपस्थित रहे।
