हरिद्वार।
हिंदी पत्रकारिता व हिंदी साहित्य के क्षेत्र में गुरुकुल कांगड$ी समविश्वविद्यालय का बहुमूल्य योगदान है। गुरुकुल कांगड$ी समविश्वविद्यालय में हिंदी पत्रकारिता व साहित्य के क्षेत्र में अनेकों पत्रकार व साहित्यकार देश को दिए है। जिन्होंने देश ही नहीं अपितु विश्व पटल पर भारत व गुरुकुल कांगड$ी समविश्वविद्यालय का नाम गौरवान्वित किया है। समविश्वविद्यालय के हिंदी विभाग में आयोजित कार्यक्रम में हिंदी प्रोत्साहन समिति द्वारा हिंदी पत्रकारिता दिवस के अवसर पर आयोजित सम्मान समारोह में हिंदी विभाग के डा. अजित सिंह तोमर ने कहा कि समिति द्वारा किया जा रहा कार्य निश्चय ही समाज में लोगों को हिंदी भाषा में काम करने के लिए प्रोत्साहित करेगा। उन्होंने कहा कि वह यह सम्मान गुरुकुल कांगड$ी समविश्वविद्यालय को समर्पित करते है जो हिंदी की सेवा में निरंतर अग्रसर है। हिंदी पत्रकारिता दिवस के अवसर पर हिंदी प्रोत्साहन समिति, उत्तराखंड ने गुरुकुल काँगड$ी विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग के सहायक प्रोफेसर डा.अजित तोमर और डा. सुनील कुमार को हिंदी भाषा की सेवा के लिए प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। हिंदी प्रोत्साहन समिति के प्रदेश अध्यक्ष डा पंकज कौशिक ने कहा कि हिंदी भाषा के उन्नयन के लिए हिंदी प्रोत्साहन समिति लगातार समाज में हिंदी के क्षेत्र में कार्य कर रहे बुद्धिजीवियों को प्रोत्साहित करने की दिशा में अग्रसर है।
डा. सुनील कुमार ने हिंदी प्रोत्साहन समिति के पदाधिकारियों का सम्मान के लिए आभार ज्ञापित किया। उन्होंने कहा कि हिंदी भाषा के उन्नयन के लिए समिति ने उल्लेखनीय कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हिंदी भाषा के उत्थान में गुरुकुल कांगड$ी समविश्वविद्यालय का बहुमूल्य योगदान स्थापना काल से रहा है।
इस अवसर पर हिंदी प्रोत्साहन समिति के प्रदेश महामंत्री कुलभूषण शर्मा ने कहा कि हिंदी भाषा और समाज से जुड$े उल्लेखनीय व्यक्तियों को साथ लेकर हिंदी प्रोत्साहन समिति हिंदी भाषा के विकास के लिए प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। इस अवसर पर समिति के कोषाध्यक्ष हेमंत सिंह नेगी ने कहा कि युवाआें को हिंदी भाषा के साथ जोड$ने के लिए विशेष प्रयास किए जाने की आवश्यकता है जिस दिशा में संस्था अग्रसर हैं। समाज में युवाआें का हिंदी के प्रति आकर्षण काम नहीं है आवश्यकता इस बात की है कि उन्हें विभिन्न अवसरों पर प्रोत्साहित किया जाए।
इस अवसर पर हिंदी विभाग के डा. रोशन लाल, शोधार्थी अखिलेश मिश्र, शोभा एवं अन्य स्नातकोत्तर के छात्र उपस्थित रहे।
